हमारा शहर

गाडरवारा मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक तहसील है, गाडरवारा को लोगों की जीवंत संस्कृति के लिए जाना जाता है | यहाँ लगभग सभी प्रकार के त्योहारों को मनाया जाता है | बीजासेन देवी मंदिर, बड़ी माताका मंदिर, जैन मंदिर और कुछ इस्लामी तीर्थ शहर में मौजूद है | गाडरवारा ओशो (भगवान श्री रजनीश) के बचपन का घर है, यहाँ उनका छोटा सा एक आश्रम और उनकी कुछ अपने प्रारंभिक जीवन की जुडी यादें हैं | इस कारण गाडरवारा शहर अमेरिकी, ऑस्ट्रेलियाई, और यूरोपीय के लिए एक पर्यटन स्थल बन गया है |

गाडरवारा शहर कई छोटे बड़े गांवों जैसे चीचली, साईखेडा, कामती, कौड़िया, खुर्सीपार, आदि से जुड़ा हुआ है | गाडरवारा से कुछ दुरी से पर स्थित अन्य दर्शनीय स्थान जैसे पचमढ़ी, छोटा जबलपुर, चौहान का किला, नर्मदा तट होने के कारण हजारों पर्यटक यहाँ आते हैं |

गाडरवारा दालों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और लगभग दाल की ज्यादातर किस्मों इस छोटे से शहर में उपलब्ध हैं. गन्ना भी इस क्षेत्र में उत्पादन किया जाता है | गाडरवारा शहर मराठों के समय में जिला नागपुरकी राजधानी थी | १९०१ में जनसंख्या ६१९८ थी | १८६७ में गाडरवारा में नगर पालिका की स्थापना हुई थी | ब्रिटिश काल में एक पुलिस थाना और एक तहसीलदार नियुक्त किया गया था |

कैसे पहुँचें

हवाई अड्डा

निकटतम हवाई अड्डा डुमना हवाई अड्डा (जबलपुर हवाई अड्डा), जबलपुर (१२९ किमी) और राजा भोज हवाई अड्डा, भोपाल (२०९ किमी) है |

सड़क मार्ग

जबलपुर, भोपाल, इंदौर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, करेली, सागर, पिपरिया, होशंगाबाद से गाडरवारा के लिए बसें उपलब्ध हैं |

रेल मार्ग

गाडरवारा भारत के रेल नेटवर्क, मुंबई - इलाहाबाद रेल मार्ग के बीच में स्थित है, मुंबई, जबलपुर और इलाहाबाद के बीच बहुत सी रेलगाड़ियाँ गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर आकर रूकती है |